कोकुजि — जापान द्वारा बनाए गए हान अक्षर
जब जापान ने 5वीं–6वीं शताब्दी में हान लिपि अपनाई, तो चीनी अक्षर चीनी वास्तविकताओं को दर्शाते थे — जापानी अवधारणाओं को नहीं। जापानी विद्वानों ने कोकुजि (国字) गढ़े, जो अधिकतर काई-इ (会意) — अर्थगत घटकों के संयोजन — पर आधारित थे।
प्रमुख उदाहरण
- 峠 (tōge, पहाड़ी दर्रा): 山 + ऊपर-नीचे। चीनी में इस अवधारणा के लिए कोई एकल अक्षर नहीं था।
- 凧 (tako, पतंग): हवा + कपड़ा। जापान की पतंग संस्कृति से जन्मा।
- 働 (hataraku, काम करना): व्यक्ति + गति। जोयो सूची में सम्मिलित, दैनिक उपयोग में।
- 雫 (shizuku, पानी की बूंद): वर्षा + नीचे। सुंदर दृश्य-काव्य।
- 笹 (sasa, बौना बांस): बांस + 世 (उच्चारण yo, जो बांस की गांठ के अर्थ वाले yo से मेल खाता है; कुछ विद्वान निचले भाग को 葉 यानी 'पत्ता' का लघु रूप मानते हैं)। तानाबाता पर्व का अनिवार्य पौधा।
जापान को क्यों चाहिए था, चीन को क्यों नहीं?
जापान की खड़ी पहाड़ियाँ, तटीय मत्स्य संस्कृति और अनोखी वनस्पति ने ऐसी शब्दावली की माँग की जो क्लासिकल चीनी नहीं दे सकती थी। चीन बहु-अक्षर यौगिकों से काम चलाता था; जापान ने नए एकल अक्षर बनाए।
आश्चर्यजनक वापसी
कुछ कोकुजि चीन में वापस लौटे। 鱈 (कॉड मछली) को कैंटोनीज़ और मंदारिन में जापान के पश्चिम से व्यापार खुलने के बाद अपनाया गया। 腺 (sen, ग्रंथि), जिसे एदो-कालीन डच-विद्या के विद्वान उदागावा गेनशिन ने 1805 में गढ़ा, चीनी में भी पहुंचा और वहां आज ग्रंथि के लिए मानक शब्द 腺 xiàn है।