कब्जे के युग की तात्कालिकता
चीन का सरलीकरण अधिक प्रसिद्ध है, लेकिन जापान ने लगभग एक साथ — और स्वतंत्र रूप से — काँजी सुधार किया। 1946 की तोयो काँजी (当用漢字) सूची ने 1,850 दैनिक उपयोग के अक्षरों को नामित किया और उनमें से 131 के लिए शिंजिताई (新字体) को पेश किया। कुछ अमेरिकी कब्जा अधिकारी रोमाजी के पक्ष में काँजी को पूरी तरह समाप्त करना चाहते थे।
तीन चरणों में मानकीकरण
- 1946: तोयो काँजी — उपयोग-सीमित सूची, कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं।
- 1981: जोयो काँजी — 1,945 अक्षर, विद्यालयों और मीडिया का संदर्भ मानक।
- 2010: संशोधित जोयो काँजी — 2,136 अक्षरों तक विस्तारित।
समान लक्ष्य, भिन्न कैंची
- 廣 → 広 (जापान) vs 广 (चीन) — जापान ने अधिक संरचना बनाए रखी।
- 鐵 → 鉄 (जापान) vs 铁 (चीन) — जापान ने 金 मूल रखा, चीन ने 钅 में संक्षिप्त किया।
- 體 → 体: दोनों एक ही रूप पर पहुंचे।
क्युजिताई और सांस्कृतिक तर्क
रूढ़िवादी विद्वानों ने तर्क दिया कि क्युजिताई (旧字体) आकृतिगत अर्थ को दृश्यात्मक रूप से एन्कोड करता है। यह बहस चीनी पारंपरिक/सरलीकृत विभाजन से मेल खाती है, लेकिन जापान में काँजी को काना के साथ मिश्रित प्रणाली में समाहित किया गया है, जो शुद्ध चीनी पाठ से संज्ञानात्मक भार को अलग तरीके से वितरित करता है।