अतिथि लोग
客家 (हक्का; शाब्दिक अर्थ "अतिथि परिवार") में एक हजार साल के विस्थापन का इतिहास समाया है। मध्य मैदान से दक्षिण की ओर धकेले गए हान चीनी प्रवासियों की कई लहरें जियांग्शी, फ़ुजियान और ग्वांगडोंग में "नवागंतुकों" के रूप में बसीं। चूंकि वे देर से आए, सबसे अच्छी कृषि भूमि पहले ही ली जा चुकी थी। वे पहाड़ियों में बसे, उत्तरी बोली बनाए रखी और वहां के "मेज़बान (主)" लोगों ने उन्हें "अतिथि (客)" कहा।
डायस्पोरा: मॉरिशस से हवाई तक
17वीं शताब्दी से हक्का लोग "नान्यांग" (南洋) उत्प्रवास की लहर में दक्षिण-पूर्व एशिया गए, और फिर हिंद महासागर में मॉरिशस, दक्षिण अमेरिका के अटलांटिक तट पर सूरीनाम, जमैका और हवाई तक फैल गए। मॉरिशस का हक्का समुदाय — 19वीं सदी के मजदूरों के वंशज — आज भी ऐसी शब्दावली और ध्वन्यात्मक विशेषताएं बनाए रखता है जो मुख्य भूमि के मेईझोउ (梅州) में भी खो गई हैं।
भाषाई विशेषताएं
हक्का भाषा मध्य चीनी (中古漢語) के प्रवेश-स्वर (入聲) के तीनों अंत्य संरक्षित रखती है: /-p/, /-t/ और /-k/। "मैं" के लिए शब्द है 𠊎 /ŋai/, जो केवल हक्का के लिए प्रयुक्त एक अक्षर से लिखा जाता है और अकेला यही शब्द किसी वक्ता को पहचानने के लिए काफी है। दरअसल यह वही प्राचीन सर्वनाम है जिससे मंदारिन का wǒ और कैंटोनीज़ का ngóh भी आया है — हक्का में इसका साहित्यिक उच्चारण ngo भी साथ-साथ चलता है — और इसे अलग पहचान देता है बोलचाल का द्विस्वर -ai, जहाँ अन्य भाषाओं में पश्च स्वर आता है। मानक रोमनीकरण PFS (Pha̍k-fa-sṳ, 白話字) 19वीं सदी के बाजल मिशन भाषाविदों ने विकसित किया था।
ताइवान का महान हक्का आंदोलन
ताइवान में लगभग 46 लाख लोग स्वयं को हक्का मानते हैं, पर वास्तव में यह भाषा बोल सकने वालों की संख्या कहीं कम है — अनुमान लगभग 12 लाख से 24 लाख के बीच हैं। 大客家運動 ने प्रसारण अधिकार और शिक्षा के लिए लड़ाई लड़ी, और 2001 में दुनिया की पहली सरकारी संस्था — हक्का मामलों की परिषद (客家委員會) — का गठन हुआ। हक्का टेलीविज़न अब 24 घंटे प्रसारण करता है।
हक्का मूल के प्रसिद्ध व्यक्ति
- 孫中山 (सन यात-सेन) — चीनी गणराज्य के संस्थापक
- 鄧小平 (देंग शियाओपिंग) — चीन के सुधार और खुलेपन के वास्तुकार
- 李光耀 (ली कुआन यू) — सिंगापुर के पहले प्रधानमंत्री
- 洪秀全 (होंग शियूक्वान) — ताइपिंग स्वर्गीय साम्राज्य के नेता