शुरुआत करने वाले अलग थे — पूरा करने वाले वे थे
अलेक्जेंडर डी रोड्स (1591–1660) अविग्नों के फ्रांसीसी जेसुइट मिशनरी थे जो 1624 में वियतनाम पहुंचे। उन्हें व्यापक रूप से — थोड़ा अनुचित तरीके से — क्वोक न्गू (quốc ngữ, 國語) के एकमात्र आविष्कारक के रूप में श्रेय दिया जाता है। वास्तविकता अधिक सहयोगात्मक है।
वास्तविक अग्रदूत फ्रांसिस्को डी पीना थे, एक पुर्तगाली जेसुइट जो 1617 के आसपास वियतनाम पहुंचे और बोली जाने वाली वियतनामी में महारत हासिल करने वाले पहले ज्ञात यूरोपीय थे। पीना ने रोमनीकरण प्रणाली विकसित करना शुरू किया, लेकिन 1625 में एक जहाज दुर्घटना में डूब गए। डी रोड्स ने उस कार्य को आगे बढ़ाया।
1651 का शब्दकोश
वियतनामी (उत्तरी) में छह स्वर हैं। डी रोड्स को केवल लैटिन अक्षरों और विशेष चिह्नों से सभी छह स्वरों को दर्शाना था। उन्होंने तीव्र लहजे (´), गंभीर (`), हुक (̉), टिल्डे (~) और नीचे बिंदु (.) का उपयोग किया। पहला स्वर (समतल) बिना चिह्न के। ma, mà, má, mả, mã, mạ — एक अक्षर, छह शब्द, पूरी तरह अलग अर्थ।
वियतनाम में क्यों सफल, कोरिया-जापान में क्यों नहीं
जापान ने 1614 में ईसाई धर्म पर प्रतिबंध लगाकर मिशनरियों को निष्कासित किया और 1639 में पुर्तगाली जहाजों का आना भी बंद कर दिया। कोरिया में उस समय ऐसा कोई प्रयास हुआ ही नहीं — कैथोलिक धर्म प्रायद्वीप में 1780 के दशक में पहुंचा, और कोरियाई भाषा का पहला पश्चिमी रोमन लिप्यंतरण उन्नीसवीं सदी में हुआ। तब तक कोरिया के पास अपनी बनाई लिपि हांगुल थी, इसलिए मिशनरियों ने नई रोमन लिपि गढ़ने के बजाय उसी को अपना लिया। वियतनाम के पास कोई विकल्प नहीं था — फ्रांसीसी उपनिवेशवाद ने क्वोक न्गू को अनिवार्य बनाया और लोगों के पास कोई वैकल्पिक लिपि नहीं थी।
स्वराघात-चिह्न: वह प्रणाली जो बची रही
रोद ने छह स्वराघातों के लिए जो विशेषक-प्रणाली बनाई, वह आज भी लगभग अपरिवर्तित प्रयोग में है:
- स्वराघात 1 (ngang — सम): अचिह्नित — ma (भूत)
- स्वराघात 2 (huyền — अवरोही): ग्रेव — mà (किंतु)
- स्वराघात 3 (sắc — आरोही): एक्यूट — má (माँ)
- स्वराघात 4 (hỏi — अवरोही-आरोही): हुक — mả (समाधि)
- स्वराघात 5 (ngã — खंडित): टिल्ड — mã (घोड़ा)
- स्वराघात 6 (nặng — भारी): नीचे बिंदु — mạ (धान का पौध)
छह शब्द, हर एक एक ही अक्षर का, अर्थ पूरी तरह अलग — भेद केवल एक ही स्वर पर चढ़े विशेषकों से। यह प्रणाली सुरुचिपूर्ण है किंतु मुद्रण की दृष्टि से कठिन: वियतनामी का एक स्वर एक साथ दो चिह्न ढो सकता है (जैसे ộ = सर्कमफ़्लेक्स + नीचे बिंदु), जिससे आरंभिक वियतनामी मुद्रणालयों और कीबोर्ड डिज़ाइनरों दोनों को भारी कठिनाई हुई।
विरासत की विडंबना
डी रोड्स को 1645 में प्रचार के कारण वियतनाम से निष्कासित किया गया। 1651 का शब्दकोश रोम में प्रकाशित हुआ। 1651 का शब्दकोश रोम में प्रकाशित हुआ और आज पूरे देश में प्रयुक्त लेखन-प्रणाली का एक महत्वपूर्ण आरंभिक संदर्भ बना। मिशनरियों ने क्वोक न्गू ईसाई ग्रंथों के लिए विकसित किया; बाद में इसे धर्मनिरपेक्ष प्रकाशन, राष्ट्रवादी लेखन, शिक्षा और राज्य-प्रशासन में अपनाया गया।